
चिड़ियापुर के कट्टेबेड़ अनुभाग के अंतर्गत खनन पट्टों की आड़ में आरक्षित वन क्षेत्र में हुआ भारी खनन वर्तमान में कटेबेड़ अनुभाग के अंतर्गत खनन पट्टों से लगी हुई आरक्षित भूमि में भी भारी भरकम पोकलैंड मशीन से अवैध खनन हो गया हैं एवं मीठीबैरी पुल से ऊपर काली मंदिर तक पूरा आरक्षित वन क्षेत्र है जिसमें रात को जेसीबी से ट्रैक्टरों से अवैध खनन किया जा रहा हैं जिसकी जानकारी चिड़ियापुर रेंजर से लेकर डीएफओ तक को है क्योंकि रात में अवैध खनन की मोटी कमाई हो रही है जिसकी कांबिंग दूसरी डिविजन के वन अधिकारियों से कराई जाय।
चिड़ियापुर रेंजर के द्वारा स्टाफ को बार बार बोला जा रहा हैं कि एक बारिश में सभी पाप धूल जाएंगे किसी का कुछ नहीं बिगड़ेगा एवं मिथिबरी पुल से पहले मझाडा बस्ती में एक अवैध आश्रम है जो पूर्ण तरीके से आरक्षित वन क्षेत्र में है के पास से 10 ट्रॉली मिट्टी का खुदान भी हो रखा है। चिड़ियापुर बीट के अंतर्गत कुत्ता घाट में भी अवैध खनन जोरो शोरों से चल रहा है उपरोक्त बीट के अंतर्गत पूरा रास्ता ही आरक्षित वन है का है दुरुपयोग रात के अंधेरे 12 बजे तक गाड़िया अवैध तरीके से निकाली जा रही है जो उत्तर प्रदेश में खनन लेकर जाती हैं इतनी रात में उत्तर प्रदेश से गाड़ियों की आवाजाही से वाइल्ड लाइफ को बहुत बड़ा नुकसान हो रहा हैं इन गाड़ियों की वजह से जंगली जानवर भीषण गर्मी में गंगा नदी में पानी पीने से सारी रात डरे सहमे रहते है जिनको देखने वाला कोई वन अधिकारी नहीं है।
ये भारी खनन कार्य डीएफओ हरिद्वार, एसडीओ हरिद्वार,रेंज ऑफिसर चिड़ियापुर और रेंज ऑफिसर लक्सर की मिली भगत से अमल में लाया जा रहा है।
वन विभाग के आला अधिकारियों को इसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही अमल में लानी चाहिए।
आपकी जानकारी के लिए ये भी बताते चले कि ये खनन राजाजी नेशनल पार्क और झीलमिल झील हरिद्वार डिवीजन के 10 कि. मी. के अंतर्गत आता है। इस अवैध खनन की जानकारी डीएफओ हरिद्वार और रेंज ऑफिसर को भलीभांति है। परन्तु NBWL नई दिल्ली की अनुमति के बिना ये खनन पूरे ज़ोरो पर है क्योंकि सभी को लगता है बारिश शुरू होने वाली है और उनके ये पाप इस बारिश में धूल जाएंगे।
नेशनल डर्बी टाइम्स की टीम ने इस बाबत श्री अर.के मिश्रा PCCF (HoFF), श्री धीरज पाण्डेय CCF गढ़वाल और श्री राजीव धीमान CF शिवालिक देहरादून को चल रहे इस अवैध खनन की पूरी जानकारी से अवगत कराया तथा चल रहे अवैध खनन की लोकेशन भी भेज दी थी जिस पर श्री राजीव धीमान CF शिवालिक देहरादून ने जल्द कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया था। परन्तु खबर लिखे जाने तक कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई।
अब देखना ये है कि सारी सूचनाएँ साझा किए जाने के उपरांत भी वन विभाग कोई प्रभावी कार्यवाही करता है या नहीं। या भ्रष्टाचार को बढ़वा देते हुए अवैध खनन का खेल जारी रहेगा।



