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श्यामपुर टाइगर हत्याकांड पर सख्त रूख, वन मंत्री ने किया निरीक्षण

श्यामपुर रेंज में दो शावकों की मौत के बाद, वन क्षेत्राधिकार, वन दरोगा सहित तीन को कारण बताओ नोटिस जारी।

श्यामपुर रेंज में नर-मादा टाइगर और उनके शावकों की हत्या का मामला गर्मा गया है। घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे क्षेत्र में चिंता का माहौल है।

बुधवार को प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल और राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया।

बताया जा रहा है कि दो दिन पहले वन गुर्जरों द्वारा नर-मादा टाइगर और उनके शावकों को मारने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद विभाग में अफरा तफरी मच गई।

निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी हाल बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए खतरा हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी प्रभावित करती हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर जागरुकता बढ़ाने और वन क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया।

वन मंत्री सुबोध उनियाल के निरीक्षण के बाद वनप्रभाग अधिकारी डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध की तरफ से वन क्षेत्र अधिकारी विनय कुमार राठी सहित तीन अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। भूपेंद्र बिष्ठ, करुण सैनी और वन आरक्षी को नोटिस जारी किए हैं। वन प्रभाग हरिद्वार की श्यामपुर रेंज एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। प्रथम श्रेणी के दो वन्यजीवों एक वयस्क और उसके शावक के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया था। आरोप है कि वन्यजीव तस्कर मृत वन्यजीवों के पांव काटकर फरार हो गए थे। इस घटना ने श्यामपुर रेंज की कार्यप्रणाली और वहां तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था। वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी वन आरक्षी और वन दरोगा की होती है, लेकिन पूरे क्षेत्र की निगरानी और जवाबदेही वन क्षेत्राधिकारी यानी रेंजर पर भी तय मानी जाती है। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए थे। वर्तमान में श्यामपुर रेंज संभाल रहे रेंजर विनय राठी का नाम इससे पहले रुड़की रेंज में भी कई विवादित मामलों से

वर्तमान में श्यामपुर रेंज संभाल रहे रेंजर विनय राठी का नाम इससे पहले रुड़की रेंज में भी कई विवादित मामलों से जुड़ चुका था। पहला मामला अनुभाग मंगलौर का था, जहां श्रेणी-2 के वन्यजीव नीलगाय की संदिग्ध मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम कराए उसे दफनाने के आरोप लगे थे। दूसरा मामला रुड़की बीट के खंजरपुर क्षेत्र का था, जहां बिना लाइसेंस के वेनेम सेंटर संचालित होने की बात सामने आई थी। वहीं पाडली गुर्जर क्षेत्र में अजगर की हत्या का मामला भी इसी कार्यकाल में सामने आया था। अब श्यामपुर रेंज में प्रथम श्रेणी के वन्यजीव और उसके बच्चे की मौत ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे। स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि जो अधिकारी खुद को वन्यजीव संरक्षण का चेहरा बताते हैं, उन्हीं की तैनाती वाले क्षेत्रों में लगातार शिकार, मौत और तस्करी के मामले सामने आना चिंता का विषय है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या इस बार भी केवल खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।

वन मंत्री सुबोध उनियाल जी ने कहा कि उनके संज्ञान में बाघ के दो शावकों के शव मिलने का मामला आया है। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर डीएफओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि विनय राठी सहित तीन कर्मचारी और अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिये गए हैं।

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